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Bihar Weather News: बिहार के सभी 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; 27 सितंबर तक मौसम रहेगा सक्रिय

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में 38 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी। 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना।

पटना, 24 सितंबर 2026। बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने गुरुवार को राज्य के सभी 38 जिलों के लिए आंधी, बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम की सक्रियता को देखते हुए उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि दक्षिण बिहार के हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट और बाकी 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

पटना में रात से ही बारिश का असर देखने को मिल रहा है। बुधवार को दिन में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा, लेकिन शाम के बाद आसमान में बादल छाने लगे। रात में कई इलाकों में तेज बारिश हुई। गुरुवार को भी राजधानी में बादल छाए रहने और एक-दो दौर में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना बनी हुई है।

इन 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर बिहार के इन जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

19 जिलों में येलो अलर्ट

दूसरी ओर पटना, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, बांका और भागलपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में भी मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवा, गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। दक्षिण बिहार में उत्तर बिहार के मुकाबले भारी बारिश की संभावना कुछ कम बताई गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर

बिहार में मौसम के बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली को अहम कारण माना जा रहा है। पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव में आने वाले समय में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

यह मौसम प्रणाली उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ सकती है। इसके चलते पूर्वी भारत के कई हिस्सों में नमी बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना है। बिहार में भी इसका असर अलग-अलग इलाकों में देखने को मिल सकता है।

27 सितंबर तक बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार 24 सितंबर के बाद भी बिहार में बारिश से तत्काल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 25 सितंबर को कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 26 और 27 सितंबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

पटना में 25 सितंबर को तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटे में भी कई जगह हुई बारिश

बिहार के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई है। पटना, खगड़िया, सुपौल, जमुई और सासाराम समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। पूर्वी बिहार के साथ राज्य के दूसरे हिस्सों में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश दर्ज की गई।

बांका, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, किशनगंज, मधुबनी और पूर्वी चंपारण में भी अच्छी बारिश होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण कई जगह तापमान में बदलाव देखने को मिला है।

बिहार में अब भी बारिश की कमी

मौसम में सक्रियता बढ़ने के बावजूद पूरे मानसूनी सीजन में बिहार में बारिश सामान्य से कम रही है। अब तक राज्य में करीब 591.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 943.4 मिलीमीटर माना जाता है। इस हिसाब से राज्य में सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

बीते दिन कैमूर में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पटना में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह

खरीफ फसलों की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों से काटी गई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

खड़ी फसलों में फिलहाल सिंचाई रोकने को कहा गया है। तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना के दौरान किसानों को खेतों में जाने से बचना चाहिए। फसल की कटाई और भंडारण से जुड़े काम मौसम साफ होने के बाद करना अधिक सुरक्षित रहेगा।

बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

आंधी और बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा वज्रपात का रहता है। लोगों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे, तालाब, नदी और अन्य जलाशयों के आसपास जाने से बचना चाहिए। अगर अचानक तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो जाए तो सुरक्षित पक्के भवन के अंदर चले जाना बेहतर है।

आंधी के दौरान बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल भी सावधानी से करने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेत, खुले मैदान और पेड़ के नीचे खड़े होने से विशेष रूप से बचना चाहिए।

मौसम का बदला मिजाज बढ़ा सकता है परेशानी

बिहार में सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम की यह सक्रियता आम लोगों के साथ किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। एक ओर बारिश से तापमान में राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश, आंधी और वज्रपात से स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने, जरूरी होने पर ही यात्रा करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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बारिश के साथ सुरक्षा भी जरूरी

मौसम में बदलाव केवल बारिश का संकेत नहीं है, बल्कि आंधी और वज्रपात का खतरा भी साथ लेकर आता है। इसलिए बारिश का इंतजार करने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। खासकर किसान, मजदूर, खुले स्थानों में काम करने वाले लोग और यात्रा करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

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Editorial: मौसम की चेतावनी को हल्के में न लें

बारिश का मौसम किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आता है, लेकिन जब इसके साथ तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी हो तो सावधानी सबसे जरूरी हो जाती है। मौसम विभाग की चेतावनी का उद्देश्य लोगों को पहले से सचेत करना है, इसलिए खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचना चाहिए। खासकर खुले स्थानों, खेतों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए। मौसम की जानकारी को समय पर समझना और उसके अनुसार अपनी गतिविधियों में बदलाव करना किसी भी संभावित नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है।

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